Friday, 9 April 2021
Wednesday, 17 March 2021
साइकिलें कितने प्रकार की होती हैं और उनके दाम कितने-कितने हैं?
साइकल मुख्यतः तीन प्रकार की होती हैं।
१-एमटीवी २-हाइब्रिड ३- रोड़ या सिटी बाइक इसके अतिरिक्त चिल्ड्रन बाइक भी आती है।
एमटीवी
हाइब्रिड
हाइब्रिड साइकिल वह होती है जो ऑफ रोड और ऑन रोड दोनों पर आराम से चल सकती है, लेकिन बहुत ज्यादा गड्ढे या उबड खाबर होने पर इसके रिम मुड़ने का डर रहता है। परंतु हाइब्रिड साइकिल एमटीवी साइकिल से ज्यादा स्पीड से और स्मूथली चलती है। यह साइकिल काफी महंगी आती हैं। अगर आप अच्छी कंपनी की साईकिल लेते हैं तो 20000 से लेकर 100000 तक हो सकती है।
रोड़ या सिटी बाईक
यह साइकिल बहुत ही पतले टायर वाली होती है। यह साइकिल सिर्फ रोड पर ही चलती है। इसलिए इनको रोड बाइक या सिटी बाइक बोलते है। अगर सड़क मे गड्ढे या उबड़ खाबड़ होगी तो यह साइकिल चल नहीं पाएगी और स्लिप हो जाएगी हो सकता है साइकिल का रिम भी मुड़ जाए। यह साइकिल अधिकतर रेसर यूज करते है। यह चलने में बहुत हल्की और स्पीड से चलने वाली होती है। यह साइकिल बहुत ही महंगी होती हैं, अच्छी कंपनी की साईकिल 30-35 हजार से स्टार्ट हो कर दो से ढाई लाख तक आती हैं।
ये साइकिल इतनी महंगी होने के बाद भी इनमें डिस ब्रेक और आगे सोकर नहीं होते है। क्योंकि रोड बाइक में इनकी जरूरत नहीं है, सोकर की जरूरत गड्ढों में पढ़ती है और डिस ब्रेक की बार-बार ब्रेक लगाने के लिए, अगर आप सिटी में चल रहे है रोड बाइक का यूज कर रहे है, तो आपको बार-बार ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। शायद इसलिए इसमें डिस्क ब्रेक या हाइड्रोलिक ब्रेक नहीं आते है।
साइकिल चलाने से हमारा संपूर्ण स्वास्थ्य (शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वस्थ) सही होता है। आप अपने बजट की साइकिल लेकर प्रतिदिन चलाइए और अपने स्वास्थ्य को स्वस्थ रखिए।
साइकिल चलाना एक ऐसा व्यायाम है जिसको आप बिना समय दिए कर सकते है। जैसे आप ऑफिस आना जाना या मार्केट आना जाना का सकते है या कोई ऐसा काम जो आप प्रतिदिन करते हैं उसको आप साइकिल के माध्यम से कर सकते हैं, और बिना समय दिए ही अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते है।
फोटो स्त्रोत - गूगल
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Friday, 12 March 2021
New bicycle buying tips
अगर आप साइक्लिंग करना चाहते हैं और अपने इस शौक को पूरा करने के लिए एक साइकिल खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। शोरूम में कई तरह की फैंसी साइकिल होती हैं, जिसकी चकाचौंध में लोग ऐसा खोते हैं कि अपनी जरूरतों को पीछे छोड़कर महंगी साइकिल खरीद लेते हैं। इससे उन्हें बाद में पछताना पड़ता है। आमतौर पर बाजार में चार से पांच तरह की साइकिल होती हैं। कौन सी साइकिल खरीदनी है, ये आपके मकसद पर निर्भर है। सड़क पर चलानी है या पहाड़ों में। रेसिंग करनी है या नॉर्मल साइक्लिंग करनी है।
कुछ किलोमीटर चलाने हेतु साइकिल खरीदने से पहले इन बातों पर गौर करना चाहिए
- चलानी कहां पर है - रास्ता मैदानी या सपाट है या फिर उबड़ खाबड़ चढ़ाई वाले रास्ते पर चलानी है।
2.साइकिल की ऊंचाई - अपनी हाईट के हिसाब से साइकिल का चुनाव करना चाहिए ताकि साइकिल चलाने और बैलेंस करने में ज्यादा परेशानी ना हो।
3. कैसी साइकिल की जरूरत है - आप अपनी पसंद और बजट अनुसार सिम्पल या गियर वाली साइकिल में से किसी का भी चुनाव कर सकते हैं।
4. टायर की मोटाई - साइकिल लेने से पहले इस पर जरूर सोचना चाहिए कि साइकिल के टायर की मोटाई कितनी हो। ज्यादा मोटे टायर वाले साइकिल चलाने में ज्यादा मेहनत लगती है जबकि पतले टायर वाले साइकिल चलाने में काफी आसानी रहती है।
स्त्रोत - मेरे खुद का अनुभव
फोटो स्त्रोत - गूगल
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Benefits of Cycling
सायकल चलाने के फायदे
हेल्दी और फिट रहना किसे पसन्द नही है। पर हम सब अपनी दिनचर्या और काम मे इतने बिजी रहते है कि हम अपने शरीर पर ध्यान नही दे पाते है । और इससे हमारा वजन बढने लगता है और कई बीमारिया हमे घेरने लगती है।
तो ऐसे मे हमे हेल्दी और फिट रहने के लिए जरूरत है एक्सरसाईज और योगा की । पर कुछ लोग आलस के चलते यह भी नही कर पाते है। तो ऐसे में साईक्लिंग एक अच्छा विकल्प है, जिसे एक मात्र करने से हम फिट रह सकते है। तो अगर आपको अपना वजन कम करना है, फिट रहना है तो आज से ही साईक्लिंग शुरू कर दे।
रेगुलर सायकलिंग करने से निम्नलिखित मुख्य फायदे होते हैं-
1. तनाव से मुक्ति –
साईक्लिंग करने का एक सबसे बडा लाभ यह होता है कि हम तनाव से मुक्त रहते है। आजकल की लोगो से आगे निकलने की रेस मे हम अपने अंदर तनाव डिप्रेशन को जन्म देते है। एक शोध मे यह पाया गया है कि तनाव ग्रस्त व्यक्ति अगर डेली 30 से 40 मिनट साईक्लिंग करता है तो वह तनाव से काफी हद तक छुटकारा पा सकते है।
2. हृदय स्वास्थय मे सुधार –हमारे दिल की सेहत का ख्याल रखने मे मदद करते है। साईक्लिंग करते समय दिल की धडकन तेज हो जाती है जिससे दिल की एक्सरसाईज होती रहती है । और दिल से संबंधित बीमारियो का जोखिम कम रहता है। अमेरिका के एक शोध मे पाया गया है कि रोज 30 मिनट साईक्लिंग करने वाला व्यक्ति , कुछ न करने वाले व्यक्ति से ज्यादा हेल्दी और बीमारी से मुक्त है। तो अपने हृदय को स्वस्थ रखने के लिए साईक्लिंग एक बेहतर विकल्प है।
3. वजन कम करने में सहायक–आजकल बिगडता खानपान और दिनचर्या से शरीर पर मोटापा बढने लगता है जिससे हार्ट , लिवर जैसी बहुत सी बीमारिया पैदा होने लगती है। तो एसे मे जरूरत है तो डेली 30 से 40 मिनट साईक्लिंग करने से हम कैलोरीस को बर्न कर वजन कम कर सकते है। मात्र साईक्लिंग करने वजन कम करने मे सहायक है। तो इस तरह से मोटापा और उन्से जुडी बीमारियो को दूर करने मे सहायक साबित हो सकते है।
4. जोडो मे सूजन को कम करे –जोडो मे सूजन को कम करने के लिए साईक्लिंग को अपनाया जा सकता है। साईकिल चलाते समय मासपेशिया खुलती है और इनके काम करने की क्षमता बढती है । जिससे जोडो से संबंधित समस्या न के बराबर रहती है। जोडो मे सूजन को कम करने के लिए साईक्लिंग के साथ साथ तेज चलना और स्विमिंग को भी शामिल किया जा सकता है । तो ऐसे मे कहना गलत नही होगा कि जोडो से संबंधित समस्या को कम करने मे सहायक है।
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Monday, 8 March 2021
सुरक्षित साइकिल चालन के लिए बुनियादी सुझाव
सुरक्षित साइकिल चालन के लिए बुनियादी सुझाव
तो, आप आखिरकार आपको आपकी मनपसंद साइकिल मिल चुकी हैं, और अगर आप सायकलिंग शुरू करने के लिए नयी सायकल खरीदने की तैयारी में है, तो ये लेख अवश्य पढ़ें
https://jkskpc.blogspot.com/2021/03/blog-post_17.html
और
https://jkskpc.blogspot.com/2021/03/new-bicycle-buying-tips.html
अगर आपको सभी आवश्यक गियर का ज्ञान हो चुका हैं, और आप सड़क पर इसे दौड़ने के लिए तैयार हैं।
लेकिन सड़क पर निकलने से पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना बेहतर होगा, लेकिन एक अद्भुत और स्वस्थ यात्रा पर जाने से पहले कुछ नियमों को याद रखें।
यहां कुछ संकेत दिए गए हैं कि आपकी साइकिल पर सड़कों पर चलाने से पहले ध्यान देना जरूरी होता है।
1. ध्यान रक्खो और सतर्क रहो - साइकिल चलाने के दौरान फोन पर बात न करना और संगीत सुनना भी इसमे शामिल है। अपनी सारी एकाग्रता सड़क पर बनाए रखें।
2. अपनी यात्रा के लिए निकलने से पहले खासकर अपने सायकल के पहिये और अन्य साइकिल के कलपुर्ज़ो की जाँच करें। जैसे की अपने हेलमेट, सीट, ब्रेक, हेड लाइट, बैक लाइट, घंटी, टायर प्रेशर और वायरिंग से इन चीजों को अच्छे से चेक कर लें।
3. किसी भी तरह के सड़क खतरों के लिए साइकल चालते वक्त ध्यान से देखे गड्ढों, असमान सड़कों, टूटे कांच, बजरी, नाले, कुत्तों ये सभी खतरनाक हो सकते हैं और दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
4. सभी यातायात नियम का पालन करें, और हमेशा सही दिशा में ही साइकल चलाये, साइकिल की सवारी के लिए भी यातायात नियम समान हैं।
5. टर्न लेने से पहले दोनों तरफ देखें। बाएं या दाएं मुड़ते समय, ट्रैफ़िक में विराम के लिए हमेशा अपने पीछे देखें, फिर बाएँ या दाएँ मुड़ने के पहले हाथो का संकेत दें। सिगनल ब्रेक गल्ती से भी ना करे।
6. मोच, चोट और खरोच आदि के लिए साथ मे प्रथमोउपचार किट अवश्य रखे।
Basic tips for safe Cycling
Basic tips for safe Cycling
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Here are a few pointers that one needs to take care before embarking on roads on your bicycle.
Saturday, 6 March 2021
हॉकी
राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी के लिए भारत इंदिरा गांधी गोल्ड कप, गंगोत्री देवी महिला हॉकी फेडरेशन कप, रंगास्वामी कप, बॉम्बे गोल्ड कप, नेहरू गोल्ड कप जैसे कई पुरस्कार दिए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विश्व कप, यूरोपीय महिला हॉकी कप, इंदिरा गांधी गोल्ड कप, चैंपियन हॉकी और अन्य पुरस्कार दिए जाते हैं।
हॉकी की शुरुआत सबसे पहले 2000 ईसा पूर्व के आसपास फारस में हुई थी। इतिहास में यह है कि प्राचीन काल में यूनानियों ने यह खेल खेला था। पहला हॉकी क्लब, ब्लैक हीथ, का गठन किया गया था। खेल के नियम पहले विंबलडन हॉकी क्लब और बाद में 1886 में हॉकी एसोसिएशन द्वारा तैयार किए गए थे। पहला अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच 1895 में इंग्लैंड और आयरलैंड के बीच खेला गया था। पहला हॉकी मैच 1908 ओलंपिक में खेला गया था।
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